फूलों की वादियों मे

June 29, 2018
 फूलों की वादियों मे़ मेरा भी बसेरा था, कुछ पल के लिए ही कोई तो मेरा था ! हर सुबह इंतजार में खुलती थी आँखें, वो भी क्या खूबसूरत ...

आओगे क्या तुम

June 25, 2018
लौट   आओगे   क्या   तुम   उन   रास्तो   पे , जहाँ   हर   वक्त   मै   तेरा   इंतजार   करती   थी ! फिर   से   आओगे   क्या   उस   टूटे...

एक परिंदा

June 17, 2018
आसमां बनके वो मेरी हिफाज़त करता है, सलामत रहू मैं रब से इबादत करता है, बरसता है मेरे हर दर्द पे मरहम की तरह, जाने क्यों एक परिंदा म...

दर्द बाँट लो

June 12, 2018
हमने देखी है वो कश्तियाँ भी, जो किनारा ढूँढते-ढूँढते कही लहरों में खो जाती है, हमने देखी है वो आँखे भी, जो जाने कितने ख्वाब देखते ...

सफर नही हमसफर की बात थी

June 11, 2018
सफर नही हमसफर की बात थी,  हुई जब उनसे पहली मुलाकात थी!! अनजान ही थे एक दूसरे से हम, खामोशी थी ज्यादा अल्फ़ाज थे कम,  दिल में ह...

आसमां के नाम

June 04, 2018
                          यूही खिड़की पे बैठे बैठे, सुबह से शाम कर दी, जैसे अपनी ज़िंदगी उस आसमां के नाम कर दी, वो मुझे मै उसे ...

याद है हमें आज भी

June 02, 2018
यूही नही लिखते हम अल्फ़ाज़ मोहब्बत का, याद है हमें आज भी वो साज मोहब्बत का! होता हर बातों मे जिक्र उसके मोहब्बत का, याद है हमें ...
Powered by Blogger.