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Showing posts from December, 2018

Dard hindi Poetry। Dard-e-mohabbat

रात होती थी गहरी बहुत! फिर भी रातों को सोया न गया!! जिंदगी में दर्द मिलें थे बहुत! पर आँखों को ज्यादा रोया न गया!! लोगों ने ख्वाब दिखाये बहुत! पर उन ख्वाबों में खोया न गया!! तकलीफ दिल को हुई थी बहुत! काँटे राहों में किसी के बोया न गया!! दर्द की थी गहराई भी बहुत! लेकिन जीवन कभी ढ़ोया न गया!! दिल सबके प्यार से जीते बहुत! झूठें धागो से रिश्तें पिरोया न गया!! इल्म है मोहब्बत दर्द देती है बहुत! पर उसकी निशानी कभी धोया न गया!! *****

तेरे आने से

                            ये खालीपन जो तेरे आने से भर जाता है! दिल इतनी मोहब्बत तुझसे कर जाता है!! तेरी नजरें मुझे प्यार से जब देखती है! मेरा चेहरा तो और भी सँवर जाता है!! यूँ तो ये वक्त चलता है हर घड़ी हमदम! पर देख तुझे ये वक्त भी ठहर जाता है!! तेरी एक झलक पाने को तरसती हू यू! कि इंतजार में तेरे हर एक पहर जाता है!! तेरा हाथ थामे बीतते है जब दिन रात! इश्क़ चाहत में तेरी हद से गुजर जाता है!! *****

बात करते थे

रूह से रूह के तुम मिलने की बात करते थे! देखे जो कोई मुझे तो जलने की बात करते थे!! वो सिर्फ अल्फ़ाज़ थे या कुछ एहसास भी था! साथ मेरे जब भी तुम चलने की बात करते थे!! तेरे दिल में चाहत थी या कोई दिखावा था! किसी के जब भी तुम छलने की बात करते थे!! तेरे आँसू बहे थे या वो छलावे का पानी था! हमसे जब भी तुम दूर रहने की बात करते थे!! तुमने मोहब्बत की थी या बहलाया था दिल को! गले लगकर जब भी तुम मरने की बात करते थे!! *****