सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Sad shayari। Khamoshiya shayari

Khamoshi shayri,शायरी,khamosh mohbbat,खामोश शायरी,हिंदी शायरी,खामोश मोहब्बत शायरी,खामोश जिंदगी पर शायरी,प्यार मोहब्बत की शायरी,शायरी की डायरी,# तेरी खामोशी मुझे खामोश कर जाती है शायरी हिन्दी मै 2020,#शायरी,शायरी मोहब्बत, khamosh shayari,उर्दू शायरी,विदाई शायरी,मंच की शायरी,# तेरी खामोशी मुझे खामोश कर जाती है ऑल बॉय,# तेरी खामोशी मुझे खामोश कर जाती है वुमेन,# तेरी खामोशी मुझे खामोश कर जाती है मेन्स,हिन्दी शायरी,शायरी हिन्दी,शायरी संग्रह,शायरी वीडियो,# तेरी खामोशी मुझे खामोश कर जाती है गिर्लस,तेरी मोहब्बत शायरी
  खामोशियां भी रास आने लगती हैं 
    जब दिल के जख्म हरे हो जाते है।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Ajnabi Se Jaan Hokar...Phir Ajnabi Ho Jana | Breakup Love Poetry

  आसान है क्या  किसी को छोड़.... किसी और को दिल में सजाना ।। किसी को अपनी सोच से मिटा कर... किसी और को बसाना।। आसान है क्या  किसी का दिल तोड़ कर...   अपनों के लिए किसी  और के साथ जुड़ जाना।।  किसी और की सांसो से निकलकर... किसी और की सांसो में मिल जाना ।। आसान है क्या  किसी और के सपने देख...  हकीकत में किसी और का हो जाना।। किसी और का हाथ छोड़ ..... मंडप में किसी और का  हाथ थाम कर बैठ जाना ।। आसान है क्या  मोहब्बत का धागा उतार कर... किसी और की मोतियों के धागों में बंध जाना।। माथे से किसी के चुंबन को हटाकर...  किसी और के रंग में रंग जाना।। आसान है क्या  आंखों के सामने अपनी चाहत को ना देख...  अपनी शराफत को देखना।। अपनी महबूबा के शादी के दिन..  अकेले दर्द में बैठकर आंसू बहाना।। आसान है क्या  ना चाहते हुए भी उसे....  किसी और के साथ जाते देखना।। हर दिन ये ख्याल आना....  मुझे छोड़‌ वो किसी और की बाहों में होगी  हर दिन किसी और की पनाहों में होगी।। आसान है क्या  बरसों की यादों को... एक पल में मिट...

Love shayari। Shauk-e-mohabbat

      शौक-ए-मोहब्बत में मैं इस कदर आबाद हुआ, .          दिल के टुकडे हुए हजार फिर भी दिल सरताज हुआ।।

Pyar to kar leti। Breakup Poems 2021

इतना सा मुझ पर सनम ऐतबार तो कर लेती । अपने मंडप में मेरा थोड़ा इंतजार तो कर लेती।।  मैं आया था वहां दौड़ कर तेरे दरवाजे पर। गले लग कर मुझे थोड़ा प्यार तो कर लेती ।। तेरी दुनिया मैं बसा नहीं पाया तो क्या हुआ।  मिलने को खुद को ज़रा बेकरार तो कर लेती।। मैं जानता हूं तोड़ा है मैंने दिल तुम्हारा....। माफी मांगने का थोड़ा हकदार तो कर लेती।। माना कि हमारी दूरी खुदा की फरमाइश थी...। पर चाहत में खुद को थोड़ा वफादार तो कर लेती।। ******